नकलचियों पर योगी आदित्यनाथ का चाबुक, पहली बार 5.5 लाख छात्रों ने छोड़ी यूपी बोर्ड की परीक्षा!

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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के आए हुए अब लगभग 1 साल बीतने को आया है और इन 1 सालों में योगी आदित्यनाथ ने किस प्रकार के नए नियम बनाए हैं और किस प्रकार से यहां पर अलग-अलग तरीकों की चीजों की शुरुआत की है, अब जमीन पर दिखने लगी है. उत्तर प्रदेश हरि एक चीज में सबसे पिछड़ा है तो वह है एजुकेशन के क्षेत्र में एजुकेशन के क्षेत्र में जिस प्रकार से यहां पर अलग-अलग लोग भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं और उनके साथ साथ हमारे देश के भीतर और खासकर उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का एक माहौल बनाने का प्रयास मोदी सरकार ने किया है उसी को आगे बढ़ाते हुए अब योगी सरकार भी पूरी तरीके से कमर कस चुकी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है उत्तर प्रदेश की परीक्षाओं यानी यूपी बोर्ड की परीक्षाओं से 5.5 लाख विद्यार्थियों का परीक्षा छोड़ देना.



जानकारों का कहना है कि वह वह वह छात्र हैं जिन्होंने पूरे साल पढ़ाई नहीं की और जिनका पूरा दम केवल और केवल नकल करके पास होने में ही दिखता है लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश की सरकार ने जिस प्रकार के कड़े नियम बनाए और हर एक परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरीके से आवश्यक कर दिया उसके बाद से नकल करने वाले और नकल कराने वाले दोनों की जान आफत में पड़ चुकी है. इसका एक और ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा एक परीक्षा स्थल पर पहुंचे और वहां 40 छात्रों में से सिर्फ एक छात्र ही परीक्षा देने पहुंचा था. जानकारी की गई तो पता चला कि उन सभी छात्रों ने उत्तर प्रदेश की परीक्षाओं यानी यूपी बोर्ड पेपर को छोड़ने का फैसला किया है और वह उन परीक्षाओं को देने के लिए नहीं आएंगे.

परीक्षा केंद्र के अध्यापकों का भी यह कहना है कि यह वही छात्र थे जिन्हें नकल करने और नकल कराने के नाम पर यहां बैठाया गया था लेकिन अब क्योंकि अध्यापकों का और खासकर उन अध्यापकों का जो नकल कराने के लिए घूस लेकर बैठ जाते थे उनकी स्थिति डामाडोल होने के बाद से इन छात्रों ने भी खुद को बचाने के लिए परीक्षा को छोड़ना ही अधिक बेहतर समझा और यही कारण है कि पूरे सूबे में इतने सारे छात्रों ने यकायक एक साथ यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को छोड़ दिया है.

जानकारी के लिए आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के बनने के बाद से तीन चीजों पर अधिक जोर दिया था पहला अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश दूसरा शिक्षाविद और शिक्षा व्यवस्था में अधिक गुणवत्ता वाला उत्तर प्रदेश और तीसरा और सबसे अहम सभी राज्यों में अग्रणी कराने के लिए उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना. इनमें से दो कार्यों को तो जमीन पर देखा भी जा सकता है क्योंकि जिस प्रकार से 100 से अधिक एनकाउंटर पिछले महीने ही हुए हैं उसको देखते हुए अपराधियों में भय का माहौल तो उत्पन्न हुआ ही है यद्यपि विपक्ष का कहना है कि यह फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं

लेकिन सभी को यह पता है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने किस प्रकार से उत्तर प्रदेश पुलिस के हाथ बांध दिए जाते थे और भ्रष्टाचारियों को उत्तर प्रदेश पुलिस का पूरा दुरुपयोग करने को मिलता था. लेकिन अब शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने नए कदम उठाए हैं और इन कदमों में एक बार फिर से हमें यह देखने को मिल रहा है कि जिस प्रकार से इतने लाख छात्रों ने उत्तर प्रदेश परीक्षा यानी यूपी बोर्ड के पेपर को छोड़ दिया है उसके बाद से सभी को यह लग रहा है कि अब उत्तर प्रदेश में शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा और उसकी तरफ एक कदम उठा भी दिया गया है लेकिन देखने वाली बात यह रहेगी कि जिस प्रकार से मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी की सरकार में नकल कराने का पूरा कारोबार चलता था अब वह लोग किस प्रकार से इसका विरोध करेंगे.



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